जियो IPO का धमाका: 2026 की पहली छमाही में रिकॉर्ड तोड़ लिस्टिंग की तैयारी, Jio IPO Update

JIO IPO Update: 154 अरब डॉलर वैल्यूएशन की चर्चा, 5% हिस्सेदारी पर 58,000–67,500 करोड़ जुटने के अनुमान; हुंडई और LIC से बड़ा सौदा बन सकता है।

रिलायंस जियो अपने IPO की तैयारी तेज कर चुकी है और कंपनी का लक्ष्य 2026 की पहली छमाही में लिस्ट होना है। बाजार में अनुमान है कि जियो का वैल्यूएशन करीब 154 अरब डॉलर तक जा सकता है, जिससे यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है और निवेशकों को बड़े मौके दे सकता है।

जियो IPO: क्या खास हो सकता है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक रेगुलेटरी बदलावों से बहुत बड़े ऑफर लाने की राह आसान हुई है, जिससे जियो जैसी बड़ी कंपनी के लिए लचीला इश्यू साइज संभव होता है। अगर वैल्यूएशन 154 अरब डॉलर के पास जाता है, तो 5% हिस्सेदारी बेचकर 58,000–67,500 करोड़ रुपये तक जुटने का अनुमान मार्केट में चर्चा का केंद्र है, जो भारतीय बाज़ार के पिछले सभी रिकॉर्ड्स को चुनौती देगा । SEBI द्वारा 5% अनिवार्य फ्लोट को 2.5% तक घटाने के प्रस्ताव ने आपूर्ति-आधारित दबाव घटाने की संभावनाएँ बढ़ाई हैं, जिससे मेगा ऑफर का एब्जॉर्प्शन सरल हो सकता है।

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AGM से मिले मुख्य संकेत

AGM में चेयरमन ने कहा कि जियो IPO फाइलिंग के लिए तैयारियां शुरू हैं और लिस्टिंग H1 2026 में टारगेट है। मैनेजमेंट ने यह भी इशारा दिया कि जियो भारत से बाहर भी अपने डिजिटल और AI‑फोकस्ड सॉल्यूशंस का विस्तार करेगी, जिससे लंबी अवधि का ग्रोथ नैरेटिव और मजबूत दिखता है।

वैल्यूएशन और ब्रोकरेज सेंटिमेंट

मार्केट कवरेज में 154 अरब डॉलर वैल्यूएशन का अनुमान सुर्खियों में है, जो जियो को भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों की कतार में खड़ा कर सकता है। अलग‑अलग नोट्स में संभावित इश्यू साइज 52,000 करोड़ रुपये के आसपास से लेकर 67,500 करोड़ रुपये तक की बात आती दिखी है, जो पब्लिक मार्केट क्षमता और नियमों के अनुसार कैलिब्रेट हो सकता है।

सेक्टर संदर्भ: एयरटेल और पिछली लिस्टिंग्स

भारती एयरटेल का मार्केट कैप हाल के महीनों में 11 लाख करोड़ रुपये से ऊपर जाता दिखा है, जिससे टेलीकॉम सेक्टर का वैल्यूएशन बेंचमार्क ऊँचा हुआ है। जियो की लिस्टिंग के बाद मार्केट लीडरशिप की होड़ और तेज हो सकती है, क्योंकि एयरटेल 2025 में भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में तीसरे पायदान तक पहुँची थी । तुलना में, 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का IPO 27,870 करोड़ रुपये पर देश का सबसे बड़ा ऑफर बना था, जिसे जियो संभावित रूप से दोगुना तक पार कर सकता है।

क्यों यह IPO रिकॉर्ड तोड़ सकता है?

जियो के 5G रोलआउट, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म इकोसिस्टम और बड़े सब्सक्राइबर बेस ने रेवेन्यू‑इंजिन को मजबूत बनाया है, जिससे हाई वैल्यूएशन नैरेटिव को बल मिलता है। साथ ही, बड़े ऑफर को संभालने के लिए नियमों में लचीलापन और निवेशक मांग का अनुमान इस लिस्टिंग को “सुपर मेगा” बना सकता है।

निष्कर्ष

संक्षेप में, जियो IPO भारतीय कैपिटल मार्केट का गेम‑चेंजर बन सकता है—बड़ी वैल्यूएशन, लचीले नियम और मज़बूत बिज़नेस मॉडल इसका आधार हैं। समझदारी यही है कि रेगुलेटरी अपडेट, प्राइस बैंड, और एंकर डिमांड जैसे संकेतकों पर करीबी नज़र रखी जाए ताकि सही समय पर सही निर्णय लिया जा सके।

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